Friday, January 8, 2010
कपडे उतारती नारी
टिपण्णी के इंतजार में
Monday, November 23, 2009
नारी समानता नही चाहिए
Tuesday, October 20, 2009
बहन भाई क्यो नही !
अब हम इसके सिदंतो या रिवाजो की बात करते है पुरी दुनिया माँ हर धर्म में बहन भाई का रिश्ता सबसे पवित्र मन जाता है कानून ये कहता है की कोई भी दो बालिग लड़का व् लड़की शादी कर सकते है यह तो मुझे मालूम नही की उस कानून में सहज बहन भाई शब्द पर्योग कर रखा है की नही / हा कानून धर्म के साथ बंधा हुआ नही है इस लिए वो लिख सकता है थोड़े आदमियो को छोड़ कर सारा विशव धार्मिक है धर्म ये कहता है की कोई भी कुआंरी लड़की हो वह बहन लगती है क्या आप किसी धर्म से जुड़े हो अगर जुड़े होतो क्या आप बहन भाई के इस सिदान्त को मानते हो अगर नही मानते तो अपने आप को किसी भी धर्म का मानने वाला मत कहिये आप धार्मिक है ही नही या आप किसी भी धर्म के नही हो /
आज कोई भी लड़का किसी भी लड़की का भाई नही बनना चाहता केवल सगी बहन तक ही या चाचा ताओ तक ही इस रिश्ते को मानता है बाकि शाभी लड़कियो को दोस्त मानता है क्यो ?यह बात लड़को पर ही नही लड़कियो पर भी लागु होती है क्यो ऐसा होरहा है क्यो नही बनना चाहते बहन भाई बनना / क्या दोस्त बनना जरुरी है क्या इसके पीछे कोई स्वार्थ छिपा है या आज की जरूरत है क्या आप बहन भाई बनना चाहोगे अगर नही तो क्यों/ क्या बहन भाई बनना गलत है यह रिश्ता धर्म से सम्बंधित है या नेतिकता से /आज के बाद आप क्या निश्चित करेगे दोस्त या बन भाई / टिपण्णी के इंतजार मे
Tuesday, September 1, 2009
धर्म पत्नी /पति
टिपणी जरुर लिखे , धन्यवाद/
Thursday, August 27, 2009
नारी नही बेचारी
Tuesday, July 21, 2009
बलत्कार एक हथियार ?
इस कानून की आड़ में नारी ही पुरूष के स्त बलात्कार कर रही है जब तक आदमी या बात ठीक चलती है तो मामला ठीक है वरना बलत्कार / आज नारी जानती है जब तक अयास्शइ की जातो है करो जब खतरा आए पुरूष को बलि चदा दो इस लिए नारी इस काम को खुल कर कररही है कई बार तो यह बात भी सामने आई है की शादी का झासा दे कर महीनो बलत्कार किया /इस बात एक बात तो है की वः नारी विवह से पहले इस कम को वः ठीक मानती थी और जब बिगरी तो व्ही काम बलत्कार हो गया जब नारी दुशमन से लड़ने की ताल ठोकती है तो यहाँ अपने को कजोर बता कर डॉस पल्ला झाड़ रही है आप सभी पाठको से अनुरोध की आप बताये की आज नारी ने बलत्कार को हथ्यार बनाया की नही / इस बलत्कार के कानून में सुधर होना चाहिए की नही / और परुष वर्ग से अपील है की वः भी नारी के विरूद्व में बलात्कार के मुकदमे दायर करे ताकि आप अपनी गिरती हुई शाख को बचा सखो /
टिपण्णी के इंतजार में /
धन्यवाद /
ही
Tuesday, July 14, 2009
गो माता /आवारा पशु
ये सभी हिंदू पुस्तको में लिखा है या धर्म परचारके समय धर्मगुरु बताते है या ये हिंदू धर्म कि मजबूत मान्यता कहे / हिंदू इन्हे मानना अपना धर्म मानते है /
अब हम गो माता व् उनके मानने वाले हिन्दुओ कि बात करते है कबी भारत में करोडो गो होती थी आज सही अर्थ में पूछो तो गो विलुप्त होती जा रही है हिंदू बड़ते जा रहेहे इसी प्रकार कम होती रही तो गो माता एक उदाहरण बन कर रह जायेगी / दूसरी बात ये है आज गो माता ही सडको पर कूड़ा खाते हुए इधर उधर भटकते हुए रेल कि पटरी पर मरी पड़ी मिलती है कई जगह गोसाला है उनमे तो उनकी जर्जर हालत पर किसी का भी दिल ख़राब हो जाता है उनके पालन करने वाले उनके लिए मांग कर केवल उनके जीने लायक ही चारा दाल पाते है जो सड़को पर आवारा है उनके लिए कोई सहारा नही होता कोई भी मोसम क्यो न हो /आप हिंदू है क्या आप ने नही देखा जो मै लिख रहा हु/ कभी सोचा अपनी माँ के बारे में /
हिंदू धर्म गुरुओ आप इतने आमिर है करोर रुपया है क्या किया अपनी माता के लिए/ बस गो के गुन गा ते हो और हिन्दियो से दान रूप में पैसा लेजाते हो आप कि माँ कहा है कोई पता नही जो अपने आप को कट्टर हिंदू मानता है वह भी सोचे अपनी माँ के लिए /मै यह मानता दू सरकार ही अच्छी है जो इन्हे अपने कागजो में आवारा पशु लिखती है और अवाराप्शु जैसा व्यवहार करती है अ हिहो अगर आप को मेरा लेख पड़ कर अपनी माँ कि इज्जत पर और अपने शर्म आती है तो मै आप से यह जानना चाहुगा कि जो सडको पर कूड़ा खाकर जो जीवन चला रही है वह आप कि गो माता है या आवारा पशु /आप यह भी बताये कि माता किस हक़ से कह रहे हो आप मेरी इस छोटी सी चुभन से जागो गे या सहन करके सोजोगे आप बताये कि यह गो माता है या आवारा पशु / तिपनी जरुर लिखे .इंतजार में /
धन्यवाद/