Thursday, November 29, 2012

bhagwan kirpa bechte hai

आज समाज में  धर्म गुरु कहने वाले है बहुत आदमी मिल जायेगे / वह अपने अपने तरीके से अपने अपने भगवन का परचार  करते है और दावा करते है की वही सबसे जयादा जानते है वही सबसे विद्वान् है  उन्हों  ने ही भगवन सबसे जायदा भगती  की है वह भगवन से सीधा संपर्क रखते है / भगवान उनकी भगती से खुश है इस लिए उन्होंने मुझ किरपा की है कि  मै समाज की सेवा करू और भगवन की दी किरपा से समाज का उदार करू / बस वह सभी के दुःख दूर करते है / उस उदार के बदले लोगो से धन लेते है / अब समझे भगवन ने किरपा दी धर्म गुरु को और गुरु ने दी समाज को और बदले में लिया धन / धर्म गुरु भगवान के संपर्क में है तो जरुरी है कमिशन की बात जरुर होती होगी / दूसरी बात किसी धर्म स्थान पर अपने दर्सन के भगवान अमीर गरीब या पैसे के हिसाब से दर्सन देते है कोई कम पैसे  की पूजा कोई जयादा पैसे की पूजा / जैसी पूजा वैसा ही लाभ / इस बात से पता चलता है की भगवान किरपा बेचते है / टिपणी दे /

 

 

Gandhi ji ko kangrece ne mara

             गाँधी जी को भारत में रास्ट्र पिता कहा जाता है यह कहना गलत नहीं है क्योकि भारत को आज़ाद करने में उनका बहुत ही बड़ा योगदान है  उन्होंने ने हर जन के मन को आज़ादी के लिए जगाया / वह  जानते थे  मन जागने  पर सफलता जरुर  है इस लिए मन जगाया और भारत को आज़ाद कराया / परन्तु 1948 में नाथू राम की गोली से उनकी मोंत हो गई / मोंत  का आना हर जीवन के लिए जरुरी है और महान  आत्मा इस पारकर की मोंत से नहीं मरते / मोंत तो वो होती है यदि मरने के बाद कोए याद ना  करे / यह काम  कांग्रेस ने किया है क्योकि यह पार्टी आज तक भेट पर राज करती आई है और इस पार्टी ने गाँधी जी को भुला दिया / उनके बारे में कोई भी जानकारी सकूलो में नहीं लगाई / उनका दर्सन कही नहीं पदाया  जाता / बस नोट पर फोटो है / समाज का भूल जाना ही मोंत है  यहे काम कांग्रेस ने किया है / इस लिया गांघी जी की मोंत नाथू राम ने नहीं कांग्रेस पार्टी की है / आप पड कर टिपणी जरुर लिखे /

Tuesday, May 24, 2011

भगवन,अल्लाह, गोड किसके?

मै भगवन , अल्लाह,गोड के लिए भगवन लिखुगा / सभी धर्म भगवन को एक मानते है सभी कहते है कि विश्व का मालिक एक है परन्तु जब भगवन पर अंगुली उठता है तो हिन्दू लड़ते है इस पारकर अल्लाह पर मुसमान गोड पर ईसाई लड़ते है अगर दुसरे को कहे तो सभी चुप रहते है सभी धर्म अपने भगवन को अपनी प्रोपर्टी समझते है कहते है इसे गलत मत कहना यह हमरा भगवन है किसी के भगवन को गलत कह दिया तो वह बवाल कर देते है अपने आप को ही भगवन का पुत्र मानते है अन्य धर्म वाले को नहीं/ बताओ जो मान्यताओ में बंधा है वह भगवन हो सकता है यदि भगवन एक है तो हम हिन्दू , मुस्लिम या ईसाई क्यों है ? क्या ऊपर अलग अलग भगवान है ? धर्म को माने वाले व् धर्म गुरु जरुर टिपण्णी दे अन्यथा आज से धर्म के नाम का आडम्बर छोड़ दे / टिपण्णी जरुर दे /

Monday, May 16, 2011

एलोपैथी हटाओ बाबा पैथी लाओ

आज मानव को अनेको पारकर की बिमारिओ ने जकड रखा है उसके लिए अनेको हॉस्पिटल है और सरकार मानव को बीमारी से बचने के लिए अरबो रुपया खर्च करती है इस कारण आज मानव अनेको बिमारिओ ले मुक्त हो गया है और आप सभी जानते है कि एलोपैथ का हमारे जीवन में कितना महत्व है परन्तु आज के साइंस के युग में बाबा पैथी भी है जिसमे बाबा बिना दवाई के इलाज करते है जो आदमी इस में विस्वास रखते है बताए की यह पैथी ठीक है या गलत है जो बाबा पैथी को मानते है वह इसे सरू करते ही अलोपैथी की गोली छोड़ देता है / मेरी राय से सर्कार ने बाबा पैथी को लागु कर दे तो देश को कितना लाभ होगा अरबो पैसा बच जाएगा न हॉस्पिटल खोलने कि जरुरत बस हजारो का एक साथ इलाज हो जायेगा मंगाही कम हो जाएगी मुझे लगता है सरकार अंधी है जो एलोपेथ के नाम से आम आदमी को लूटे जारहे है बाबा पैथी एक गरीब समाज के लिए ठीक है / आप क्या कहते है टिपण्णी दे /

Friday, January 8, 2010

कपडे उतारती नारी

आज कल नारी पुरुष को निशाना बनती है वह नारी जो अपने को नारी पंगती मै अग्रणीय बताती है वह कहती है आदमी बल्त्कारी हो गया है आदमी ने नारी को असुरक्षित कर दिया है वह सडक पर गली में या कही भी अकेली नहीं निकल सकती और समाज व् कानून ने उसे बेचारी मानते हुए आदमी को दोसी करार दे दिया क्या आदमी इसका जिमेदार है मै मानता हु नहीं\ ताली एक हाथ से नहीं बजती \ जरा एक पहलू ये देखे आज समाज में अपने को पड़ी लिखी आधुनिक नारी क्या अपना पूरा शरीर डक कर चलती है नारी ने सकुल में कम कपडे पहने फिर कालजे में छोटे कपडे पहने जब गली या पार्टी में गई तो भी छोटे ही कपडे पहने उतने छोटे जितने वह पहन सकती है उनसे पूछे क्यों नहीं पहनती है पुरे कपडे \वह कहती है सुंदर लगने के लिए छोट कपडे पहनती हु \ जरा नारी बताये क्या कम कपड़ो में नारी सुंदर लगाती है\ मै मानता हु नहीं , गलत जवाब है \ जो नारी छोटे कपडे पहनती वह आकर्सन के लिए पहनती है सुंदर लगाने के लिए नहीं \दुल्हन को सुंदर कपडे पहनाकर बनाया जाता है उतार कर नहीं\ कपडे उतार कर आप जिस के लिए आकर्षित कर रही है अगर आदमी आकर्षित हो जाता है तो वह दोसी क्यों क्या नारी दोसी नहीं है
टिपण्णी के इंतजार में

Monday, November 23, 2009

नारी समानता नही चाहिए

आज विश्व में एक आवाज़ आ रही है कि नारी समानता होनी चाहिए सहमत नही हु आप सहमत हो सकते है समाज में नर व् नारी दोनों को रहना है दो सामान ताकत आराम से एक साथ नही रह सकती दोनों टकरती रहेगी जब तक एक हार न मानले यही हमारे समाज में होगा/ क्योकि जगत का नियम है कि रजा एक ही होता है जब कई राजा होगे तो अराजकता फ़ेलेगी यही हल नारी समानता आते ही ही होगा समाज समाज न रह कर एक आदमी का समाज रह जाएगा हार आदमी का अपनी सच के अनुसार समाज हो गा/ समानता आते ही कामवासना बेडेगी व् हिंसा होगी विश्व में नर काम प्रधान होता है जब नारी भी बराबर हो जाएगी तो काम अपने चरम पर पहुच जाएगा तलाक होगे व् कुवारी लडकियों को बचे होगे / जिन बच्चो के बिखरे परिवार होते है उनमे समाज के परती कोई मोह नही होता उनकी वर्ती हिंसात्मक होती है तो क्या आप विकरत समाज चाहो गे संतान जो भविष्य होती है अपने भविष्य को बिगड़ना चाहोगे क्या आप अपने समाज में हिंसा चाहते हो समाज में उपर लिखी बुराई ही नही सारी बुराई आएगी क्या आप चाहते है बुरा समाज / तो अब बताये क्या नारी समानता होनी चाहिए/ टिपणी के इंतजार में /

Tuesday, October 20, 2009

बहन भाई क्यो नही !

आज समाज विज्ञानदोनों ही बड़ी तेजी से बदलते जा रहे है पहले का सारा का सारा नजरिया बदलता जा रहा है खास कर समाज तो रीती रीतिरिवाज वह बिल्कुल बिल्कुल ही वह BILKUL HI बदल रहे है पुराने टूटते जा रही है हमारा धर्म तो पुराना है परन्तु उसका रिवाज अपनी चाहत के अनुसार बना रहे है इस बदलाव के कारण तो धर्म पर शक होने लगता है जिन सिदंतो से धर्म बना है वह पर्तिदिन गिरगिट की तरह बदलता है तो हम किस नियम को माने किस सीथिर सिदान्त को माने सदेव रहने वाला हमारा धर्म कोनसा है /

अब हम इसके सिदंतो या रिवाजो की बात करते है पुरी दुनिया माँ हर धर्म में बहन भाई का रिश्ता सबसे पवित्र मन जाता है कानून ये कहता है की कोई भी दो बालिग लड़का व् लड़की शादी कर सकते है यह तो मुझे मालूम नही की उस कानून में सहज बहन भाई शब्द पर्योग कर रखा है की नही / हा कानून धर्म के साथ बंधा हुआ नही है इस लिए वो लिख सकता है थोड़े आदमियो को छोड़ कर सारा विशव धार्मिक है धर्म ये कहता है की कोई भी कुआंरी लड़की हो वह बहन लगती है क्या आप किसी धर्म से जुड़े हो अगर जुड़े होतो क्या आप बहन भाई के इस सिदान्त को मानते हो अगर नही मानते तो अपने आप को किसी भी धर्म का मानने वाला मत कहिये आप धार्मिक है ही नही या आप किसी भी धर्म के नही हो /

आज कोई भी लड़का किसी भी लड़की का भाई नही बनना चाहता केवल सगी बहन तक ही या चाचा ताओ तक ही इस रिश्ते को मानता है बाकि शाभी लड़कियो को दोस्त मानता है क्यो ?यह बात लड़को पर ही नही लड़कियो पर भी लागु होती है क्यो ऐसा होरहा है क्यो नही बनना चाहते बहन भाई बनना / क्या दोस्त बनना जरुरी है क्या इसके पीछे कोई स्वार्थ छिपा है या आज की जरूरत है क्या आप बहन भाई बनना चाहोगे अगर नही तो क्यों/ क्या बहन भाई बनना गलत है यह रिश्ता धर्म से सम्बंधित है या नेतिकता से /आज के बाद आप क्या निश्चित करेगे दोस्त या बन भाई / टिपण्णी के इंतजार मे